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1950 में मौत के बाद 1960 में सरदार पटेल ने विरोध किया? अमित शाह का वायरल वीडियो एडिटेड है

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29 जुलाई को संसद के मानसून सत्र का सातवां दिन था। अमित शाह ने लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर सदन को संबोधित किया और विपक्ष को आड़े हाथों लिया। अमित शाह ने बताया कि पहलगाम हमले के आरोपी तीनों आतंकी ऑपरेशन महादेव में मारे गए हैं। वहीं सोशल मीडिया में उनके संबोधन का एक हिस्सा वायरल है। इस वीडियो में अमित शाह कहते हैं कि 1960 में सरदार पटेल ने विरोध किया था, गाड़ी लेकर आकाशवाणी तक गए थे, दरवाजे बंद कर दिए गए। वीडियो के साथ लोग दावा कर रहे हैं कि सरदार पटेल का देहांत 1950 में हो गया था तो उन्होंने 1960 में विरोध कैसे कर दिया।

सपा समर्थक सूर्या समाजवादी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, ‘अमित शाह कह रहे है 1960 में सरदार पटेल ने सिंदु जल समझौते का विरोध किया था जबकि 1950 में ही सरदार पटेल जी की मृत्यु हो गई थी झूठ बोलने के मामले में ये तो मोदी जी को टक्कर दे रहें है’

सुप्रिया श्रीनेत ने लिखा, ‘सरदार पटेल जी का निधन 1950 में ही हो गया था तो फिर 1960 में सरदार पटेल जी ने विरोध कैसे किया? अमित शाह जी आज अपने ही लिखे WhatsApp फॉरवर्ड पढ़ रहे थे’

मुकेश कुमार ने लिखा, ‘संसद के अँदर इतने बड़े-बड़े झूठ बोल जाते हैं हमारे गृहमंत्री। बता रहे हैं कि 1960 में सरदार पटेल आकाशवाणी पहुंच गए थे, ताकि नेहरू पाकिस्तान को पीओके देने की घोषणा न कर दें, लेकिन उन्हें दरवाज़े पर रोक दिया गया। सरदार पटेल को दिन रात गाने वाले को पता ही नहीं है कि वे तो कई साल 1950 पहले ही गुज़र चुके थे।’

कांग्रेस नेता आलोक शर्मा ने लिखा, ‘सरदार पटेल जी का निधन 1950 में ही हो गया था! तो फिर 1960 में सरदार पटेल जी ने विरोध कैसे किया? अमित शाह जी का झूठ पकड़ा गया!’

इसके अलावा अशोक कुमार पांडे, कृष्णकांत, सिमाब अख्तर, ब्रिजेश सिंह यादव, अनुराग वर्मा, रश्मी भारतीय, राकेश सिंह, योगिता जैन, अशोक, विकास बंसल, आम आदमी पार्टी ने भी यही दावा किया है।

फैक्ट चेक

पड़ताल में हमे अमित शाह के लोकसभा में संबोधन का पूरा वीडियो उनके यूट्यूब चैनल पर मिला। इस वीडियो में 41 मिनट से अमित शाह कहते हैं कि 1948 में मान्यवर कश्मीर में हमारी सेनाएं निर्णायक बढ़त पर थी। सरदार पटेल ना बोलते रहे। जवाहरलाल नेहरू जी ने एक तरफ़ा युद्ध विराम कर दिया। और मान्यवर मैं बड़ी जिम्मेदारी के साथ कहता हूं मैं इतिहास का विद्यार्थी हूं। पाक ऑक्यूपाई कश्मीर का अगर अस्तित्व है तो जवाहरलाल नेहरू जी की यह युद्ध विराम के कारण है। इसका जिम्मेदार जवाहरलाल नेहरू है।

अमित शाह आगे बढ़ते हुए कहते हैं कि मान्यवर 1960 में….. इसी बीच सामने से विपक्षी नेता की आवाज आती है.. जिसमे वो कहते हैं, ‘सरदार पटेल भी साथ में थे‘…..इसके जवाब आगे अमित शाह कहते हैं कि सरदार पटेल ने विरोध किया था, गाड़ी लेकर आकाशवाणी तक गए थे घोषणा न करें, दरवाजे बंद कर दिए थे।

इसके बाद अमित शाह अपनी बात को जारी रखते हुए कहते हैं कि कि मान्यवर 1960 में सिंधु जल पर भौगोलिक व रणनीतिक रूप से हम बड़े मजबूत थे और उन्होंने सिंधु समझौता क्या किया? 80% भारत का पानी पाकिस्तान को दे दिया।

दावासरदार पटेल का देहांत 1950 में हो गया था तो उन्होंने 1960 में विरोध कैसे कर दिया। अमित शाह झूठ बोल रहे हैं।
दावेदारसुप्रिया श्रीनेत, सूर्य समाजवादी, कृष्णकान्त समेत अन्य
निष्कर्षअमित शाह साल 1948 के युद्ध में युद्धविराम की बात कर थे। इसके बाद वो 1960 में सिंधु समझौते की बात कर थे। इसी दौरान उन्हें विपक्षी नेता की ओर से 1948 के युद्ध को लेकर टोंका गया। उसी सन्दर्भ में उन्होंने कहा था कि सरदार पटेल ने विरोध किया था, गाड़ी लेकर आकाशवाणी तक गए थे घोषणा न करें, दरवाजे बंद कर दिए थे।

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