सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट वायरल हो रहा है। पोस्ट में लिखा है कि ‘बांग्लादेश के एक जज ने 16 बलात्कारियों को सजा सुनाते हुए कहा कि इंडिया समझ रखा है क्या?’ दावा किया जा रहा है कि बांग्लादेश के एक जज ने सजा सुनते हुए भारतीय न्याय व्यवस्था को कमजोर बताया।
दिव्या कुमारी ने एक पर लिखा, ‘Weldone जज साहब मुहतोड़ जवाब दिया है इंडिया को’
Weldone जज साहब…👏
— दिव्या कुमारी (@divyakumaari) September 16, 2025
मुहतोड़ जवाब दिया है इंडिया को 😳 pic.twitter.com/0SLm97t6P2
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फैक्ट चेक
दावे की पड़ताल में हमने कीवर्ड की मदद से गूगल सर्च किया। इस दौरान यह हमें 24 अक्टूबर 2019 को प्रकाशित नवभारत टाइम्स और हिंदुस्तान की एक रिपोर्ट मिली। रिपोर्ट के मुताबिक, बांग्लादेश की एक अदालत ने अप्रैल में 19 वर्षीय एक छात्रा को जिंदा जलाकर उसकी हत्या करने के मामले में 16 लोगों को मौत की सजा सुनाई। इस घटना के विरोध में देशभर में व्यापक प्रदर्शन हुए थे। नुसरत जहां रफी ने एक मदरसे के मौलाना के खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायत वापस लेने से इनकार कर दिया था।

दरअसल, 19 साल की नुसरत जहां रफी को उनके इस्लामिक स्कूल की छत पर ही जलाया गया था। उन्होंने स्कूल के मौलाना पर यौन शोषण की शिकायत की थी। उन्हें स्कूल की छत पर मिट्टी का तेल डालकर आग लगाकर हत्या कर दी थी। घटना वाले दिन के कुछ दिन पहले ही नुसरत ने अपने साथ हुई यौन हिंसा को लेकर शिकायत की थी। उन पर शिकायत वापस लेने का खासा दबाव बनाया गया, लेकिन उन्होंने शिकायत वापस नहीं ली।
मौलाना के खिलाफ शिकायत वापस नहीं लेने पर केरोसिन छिड़ककर उन्हें जिंदा जला दिया गया था। 15 लोगों की भीड़ ने किशोरी को बेरहमी से जलाया जिसमें वह 80% तक जल गई थीं। बाद में इलाज के दौरान छात्रा ने दम तोड़ दिया। अभियोजक हाफिज अहमद ने लोगों की भारी भीड़ के बीच अदालत में फैसला सुनाए जाने के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘यह फैसला साबित करता है कि बांग्लादेश में कोई हत्यारा कानून से नहीं बचेगा। हमारे यहां कानून का शासन है।’
इसके अलावा बांग्लादेश की मीडिया Prothom Alo, Dhaka Tribune ने भी इस खबर को प्रकाशित किया है लेकिन इन खबरों में भी भारत की आलोचना का जिक्र नहीं है।
| दावा | बांग्लादेश के एक जज ने 16 बलात्कारियों को सजा सुनाते हुए कहा कि इंडिया समझ रखा है क्या? |
| दावेदार | दिव्या कुमारी |
| निष्कर्ष | बांग्लादेश का यह मामला साल 2016 का है। जज ने इस मामले में भारत को लेकर कोई टिप्पणी नहीं की है। असल में जज ने कहा था कि यह फैसला साबित करता है कि बांग्लादेश में कोई हत्यारा कानून से नहीं बचेगा। हमारे यहां कानून का शासन है। |
