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दानापुर में लोगों को वोटिंग करने से रोकने के लिए नावों का परिचालन बंद करने का दावा गलत है

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बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण का मतदान जारी है। इस बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में दावा किया जा रहा है कि दानापुर में नसीरगंज घाट पर मतदाताओं को वोट देने से रोका जा रहा है। मतदाताओं का आरोप है कि पुलिस नाव को बूथ पर नहीं जाने दे रही है।

RJD प्रवक्ता प्रियंका भारती ने एक्स पर वायरल वीडियो को पोस्ट कर लिखा, ‘दानापुर में नसीरगंज घाट पर मतदाताओं को वोट देने से रोका जा रहा है! मतदाताओं का आरोप है कि पुलिस नाव को बूथ पर नहीं जाने दे रही है। के. चू. आ. क्या इस मामले का संज्ञान लेकर अपनी निष्पक्षता दिखाएगी? @ECISVEEP इसकी पड़ताल कीजिए’

डॉ. लक्ष्मण यादव ने लिखा, ‘वीडियो में बताई जा रही जानकारी के अनुसार, बिहार के दानापुर में नसीरगंज घाट पर मतदाताओं को रोके जाने की घटना सामने आई है। यह मामला गंभीर प्रतीत होता है। @ECISVEEP से आग्रह है कि इस वीडियो की जांच करे और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करे।’

अभिमन्यु सिंह ने लिखा, ‘दानापुर विधानसभा क्षेत्र में ग्रामीणों को वोट देने जाने से रोंका जा रहा है, जैसा कि BJP के एक मंत्री जी ने कहा था बिल्कुल वैसा ही हो रहा है।’

वहीं RJD प्रवक्ता कंचन यादव, Article19 India और सौरभ ने भी इसी दावे के साथ वीडियो को शेयर किया है।

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फैक्ट चेक

दावे की पड़ताल में हमने संबंधित कीवर्ड की मदद से गूगल सर्च करने पर हमें 5 नवंबर 2025 को प्रकाशित फर्स्ट बिहार की एक रिपोर्ट मिली। रिपोर्ट के मुताबिक,  दियारा क्षेत्र को संवेदनशील मानते हुए SDO दानापुर ने मतदान से एक दिन पहले ही मतदान दिवस पर सभी सामान्य नाव/मोटरबोट परिचालन पर रोक लगा दी थी।

Source: First Bihar

दरअसल, दानापुर विधानसभा क्षेत्र में गंगा नदी के पार दियारा इलाकों में भी बड़ी संख्या में मतदाता निवास करते हैं, जिनके लिए 56 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इन मतदान केंद्रों तक पहुंचने का एकमात्र साधन जलमार्ग है, इसलिए सुरक्षा और सुचारू मतदान संचालन प्रशासन की प्राथमिकता है। चुनाव के मद्देनज़र दानापुर अनुमंडल प्रशासन ने दियारा क्षेत्रों को अत्यंत संवेदनशील घोषित किया है। यहां असामाजिक तत्वों द्वारा नाव के माध्यम से शांति व्यवस्था भंग करने की आशंका जताई गई है। इसी कारण दानापुर की अनुमंडल दंडाधिकारी (SDO) दिव्या शक्ति ने बिहार नाव सुरक्षा एवं संबद्ध अधिनियम की धारा 163 के तहत आदेश जारी किया है कि 06 नवंबर 2025 को मतदान समाप्ति तक अनुमंडल के भीतर गंगा नदी या अन्य नदियों पर चलने वाली सभी मोटरबोट और नावों का सामान्य परिचालन पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। वहीं निर्वाचन कार्य और इमरजेंसी में उपयोग होने वाली नावों पर कोई प्रतिबंध नहीं है।

पड़ताल में आगे हमें न्यूज़ एजेंसी ANI के एक्स हैंडल पर दानापुर दियारा के स्थानीय लोगों द्वारा मतदान केंद्रों तक पहुँचने और वोट डालने के लिए नाव का इस्तेमाल करने का वीडियो भी मिला। वीडियो में नाव को चलते हुए देखा जा सकता है।

वहीं पटना पुलिस ने भी अपने आधिकारिक एक्स हैंडल से एक पोस्ट कर वायरल दावे का खंडन किया है। पुलिस ने बताया कि दानापुर थाना क्षेत्र के नसीरगंज घाट पर नावों का परिचालन चालू है। लोगों को मतदान करने से रोकने के लिए नावों का परिचालन रोकने की खबर भ्रामक व असत्य है।

दावादानापुर में नसीरगंज घाट पर मतदाताओं को वोट देने से रोका जा रहा है। मतदाताओं का आरोप है कि पुलिस नाव को बूथ पर नहीं जाने दे रही है।
दावेदारप्रियंका भारती, कंचन यादव, सौरभ व अन्य
निष्कर्षदानापुर में लोगों को वोटिंग करने से रोकने के लिए नावों का परिचालन बंद करने का दावा गलत है। प्रशासन ने केवल प्राइवेट नावों के परिचालन पर रोक लगाई थी। निर्वाचन कार्य के लिए नावों का परिचालन चालू है।
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