सोशल मीडिया पर दो पक्षों के बीच झगड़े का एक वीडियो वायरल है। वीडियो में एक युवक तलवार लहराता भी दिख रहा है। दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो गुजरात के पाटन में चंद्रमाणा गाँव का है। जहां दलित दूल्हे की बारात पर ठाकुरों ने तलवार-लाठी लेकर हमला बोल दिया। हालांकि पड़ताल में यह दावा भ्रामक साबित हुआ।
लखना मीणा ने एक्स पर लिखा, ‘गुजरात के चंदुमाना गांव में दलित दूल्हे विशाल की बारात पर ठाकोरों ने तलवार-लाठी लेकर हमला बोल दिया! जातिसूचक गालियां, मार डालने की खुली धमकी, बारात रोककर अपमान! दलितों को घोड़े पर चढ़ने, डीजे बजाने, गांव की सड़क से गुजरने का हक भी नहीं? ये है मनुवादीयों का असली चेहरा – दलित शादी को भी अपराध मानते हैं! जातिवाद आर्थिक आधार पर नहीं जाती आधार पर होता है।…’
गिरीश ने लिखा, ‘गुजरात, पाटन के चंद्रमाणा गाँव में दलित समाज के लड़के की शादी थी | जिसमें घोड़ी पर बैठकर बारात क़ो निकाला जा रहा था | तभी ठाकुर समाज के लोग तलवार लेकर इस बारात क़ो रोक देते है | कहते घोड़ी उतर जा वरना लड़के के साथ उसके बाप क़ो भी काट देंगे | इसलिए,’
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फैक्ट चेक
दावे की पड़ताल में संबंधित किवोर्ड की मदद से गूगल सर्च करने पर हमें दिव्य भास्कर की मामले पर एक रिपोर्ट मिली। रिपोर्ट के मुताबिक, पाटन तालुका के चंदुमाणा गांव के रोहितवास में रहने वाले गणपतभाई कलाभाई चावड़ा के पुत्र विशाल की शादी के अवसर पर 1 फरवरी 2026 को सुबह 11:30 बजे डीजे के साथ बारात निकाली गई थी। बारात गांव के सार्वजनिक मार्ग से होती हुई जोगणी माता के मंदिर के सामने चौक में पहुंची, जहां परिवार के सदस्य गरबा खेल रहे थे।

इसी दौरान गांव के कुछ लोग वहां आ पहुंचे। आरोपियों ने बारात निकालने को लेकर गुस्से में जातिसूचक अपशब्द कहे, अपमान किया और धमकी दी कि यदि दोबारा बारात निकाली तो जान से मार देंगे। इस घटना से बारात में शामिल लोग घबरा गए और घोड़े वाले ने दूल्हे को सुरक्षित घर पहुंचाया। इस मामले में पाटन तालुका पुलिस थाने में 8 लोगों के खिलाफ बीएनएस और एट्रोसिटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।
वहीं इस घटना के पीछे कारण यह बताया गया है कि उस इलाके में हाल ही में नाबालिग लड़का-लड़की की मौत हुई थी और पास के मोहल्ले में एक महिला का भी निधन हुआ था, जिसके चलते रविवार को शोक सभा रखी गई थी। उसी रास्ते से जब डीजे के साथ बारात गुजर रही थी तो ठाकोर समुदाय के युवकों ने विरोध किया, जिससे कहासुनी हुई और तलवार निकालने पर अफरा-तफरी मच गई।
पड़ताल में आगे हमें इस मामले में पीड़ित पक्ष द्वारा की गई एफआईआई की कॉपी प्राप्त हुई। एफआईआई में दुल्हे के पिता गणपतभाई कलाभाई चावड़ा ने बताया कि उसके पुत्र विशाल की शादी तय हुई थी और शादी के लिए विरता जिले के मेहसाना गांव जाना था। इसी सिलसिले में सुबह करीब 11 बजे डीजे के साथ शादी की बारात निकाली गई। बारात गांव की सड़क से गुजरते हुए जोगणी माता मंदिर के सामने स्थित चौक पर पहुंची, जहां उनके परिवार के सदस्य मौजूद थे और गरबा खेल रहे थे। इसी दौरान जीवणजी तखाजी ठाकोर, रमेशजी जीवणजी ठाकोर, बाकूजी जीवणजी ठाकोर, बचूबेन जीवणजी, सुबीबेन जीवणजी ठाकोर, अनिलजी बाकूजी, शिवाजी रमेशजी और संतोषजी रमेशजी अचानक वहां पहुंचे और बेहद गुस्से में जातिसूचक गालियां देते हुए कहा कि, “घोड़ा होने के बावजूद तुमने अपने बेटे की बारात हमारे घर के सामने से क्यों निकाली?” FIR में आगे बताया गया है कि स्थिति बिगड़ती देख घुड़सवार ने दूल्हे को सुरक्षित रूप से घर पहुंचाया, जिसके बाद परिवार के सभी लोग चौक से वापस अपने घर लौट आए।

पड़ताल में आगे हमने दुल्हे के पिता गणपतभाई से फोन पर बात की। उन्होंने इस मामले में एफआईआर दर्ज करवाई है। जिसके बाद अभी तक दो लोगों की पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बाकी 6 आरोपी फरार हैं। गणपतभाई ने आगे बताया कि वह दलित समुदाय से आते हैं। वहीं आरोपी ठाकुर नहीं, ठाकोर समाज से हैं जो OBC कैटेगरी में आते हैं।
| दावा | गुजरात के चंदुमाना गांव में दलित दूल्हे की बारात पर ठाकुरों ने तलवार-लाठी लेकर हमला बोल दिया। |
| दावेदार | लखन मीणा, गिरीश |
| निष्कर्ष | गुजरात में दलित दूल्हे की बारात पर ठाकुरों द्वारा हमला करने का दावा भ्रामक है। आरोपी पक्ष ठाकुर नहीं, ठाकोर जाति के हैं जो OBC में आते हैं। |
