उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में एक नाबालिग रेप पीड़िता द्वारा आत्महत्या करने का मामला सामने आया है। दावा किया जा रहा है कि तीन ब्राह्मण युवकों ने युवती के साथ दुष्कर्म किया। पुलिस द्वारा आरोपियों के खिलाफ एफआईआई दर्ज न करने व कारवाई न करने पर पीड़िता ने आत्महत्या कर ली।
रवि परमार ने एक्स पर लिखा, ‘ब्राह्मण जाति होने का प्रिविलेज कैसे मिलता है इस केस से समझिए, चित्रकूट में एक नाबालिक लड़की कुएं पर पानी भरने जाती है, तीन ब्राह्मण युवक आते हैं और उसका किडनैप करके सुनसान जगह पर ले जाकर उसका सामूहिक बलात्कार करते हैं, यह घटना लड़की ने अपनी मां को बताई, फ़िर लड़की थाने गई FIR पंजीकृत करवाने तो बोला गया, तुम्हारे कपड़े नहीं फटे तो कैसे मान ले कि तुम्हारे साथ बलात्कार हुआ है, लड़की अत्यधिक पीड़ा में घर लौट आती है, आरोपी ग्राम प्रधान के भतीजा है तो कोई कार्यवाही नहीं हुई, कार्यवाही न होने के चलते लड़की ने आत्महत्या कर ली है, यह बेहद दर्दनाक है, भारत में पुलिस प्रशासन में आज भी ब्राह्मण बनिया सुवर्ण समुदाय का कब्जा है, तमाम लीडरशिप पोजीशन पर यही लोग हैं, यही वजह है कि जब भी कोई पीड़ित सुवर्ण के खिलाफ़ FIR पंजीकृत करवाने जाता है तो उसे भगा दिया जाता है, यही सच्चाई है, यही जाति प्रिविलेज है, अदिति मिश्रा सही कहती है ब्राह्मणवाद मुर्दाबाद ब्राह्मणवाद हो बर्बाद’
ब्राह्मण जाति होने का प्रिविलेज कैसे मिलता है इस केस से समझिए, चित्रकूट में एक नाबालिक लड़की कुएं पर पानी भरने जाती है, तीन ब्राह्मण युवक आते हैं और उसका किडनैप करके सुनसान जगह पर ले जाकर उसका सामूहिक बलात्कार करते हैं,
— Ravi Parmar (@raviparmarIN) April 17, 2026
यह घटना लड़की ने अपनी मां को बताई, फ़िर लड़की थाने गई FIR… pic.twitter.com/W5vO9XzTLn
वहीं NEWS24 ने भी यूट्यूब चैनल पर तीनों आरोपियों को ब्राह्मण बताते हुए यह खबर चलाई है।

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फैक्ट चेक
दावे की पड़ताल में संबंधित कीवर्ड की मदद से गूगल सर्च करने पर हमें 15 अप्रैल को प्रकाशित न्यूज़ 18 की एक रिपोर्ट मिली। रिपोर्ट के मुताबिक, यूपी के चित्रकूट जनपद में होली के दिन पानी भरने गई दलित छात्रा को बंधक बनाकर दुष्कर्म करने के मामले में पुलिस द्वारा आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई न करने पर आहत छात्रा ने फांसी लगाकर जान दे दी। परिजनों ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि बीते 4 मार्च को उनकी 17 वर्षीय बेटी होली वाले दिन घर से कुछ दूर पानी भरने के लिए गई हुई थी। तभी गांव के तीन लड़के भूषण प्रजापति ,शीतल प्रजापति और बोधि शुक्ला ने उसके साथ दुष्कर्म किया था।

घटना के बाद पीड़ित छात्रा को लेकर परिजन थाने पहुंचे, जहां उन्होंने आरोपियों के खिलाफ शिकायत की थी, लेकिन पुलिस ने उनको घटना से डायवर्ट करते हुए कहा कि ऐसा केस लिखोगे तो तुम्हारी बेटी की शादी नहीं होगी। आरोप है कि पुलिस ने हलकी धाराओं में केस लिखवाने की बात कही। जिसके बाद तीनों आरोपियों के जबरन रंग लगाने की तहरीर लेकर उनके खिलाफ कार्यवाही का आश्वासन देकर उन्हें थाने से लौटा दिया।
परिवार का आरोप है कि इसके बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों को थाने बुलाकर उनसे पैसे लेकर उनको गांव में 6 महीने तक न दिखाई देने की हिदायत देकर अगले दिन छोड़ दिया। लेकिन आरोपी कुछ दिनों बाद गांव में दिखने लगे थे, जिससे उनकी बेटी गुमसुम सी हो गई थी और तीनों आरोपियों के बार बार अपने सामने देखने पर आत्मग्लानि महसूस कर रही थी। इसी बात से आहत होकर आज जब परिजन खेत पर चले गए घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर लिया।
| दावा | चित्रकूट में तीन ब्राह्मण युवकों ने एक दलित नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया। |
| दावेदार | रवि परमार व न्यूज़ 24 |
| निष्कर्ष | चित्रकूट में नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने वाले तीनों आरोपी ब्राह्मण नहीं है। इस घटना में शामिल केवल एक युवक ही ब्राह्मण है। अन्य दो का नाम भूषण प्रजापति व शीतल प्रजापति है। |
