राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे द्वारा कथित तौर पर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को लिखा गया एक पत्र वायरल है। पत्र में उन्होंने महिला आरक्षण और परिसीमन के मुद्दे पर पार्टी की नीयत पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। इसके साथ ही इस पत्र को लेकर First India News का एक वीडियो भी वायरल है। दावा किया जा रहा है कि वसुंधरा राजे ने अपनी ही पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। हालंकि हमारी पड़ताल में यह पत्र फर्जी पाया गया।
अशोक पुरोहित ने एक्स पर वायरल पत्र को शेयर कर लिखा, ‘राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने अपनी ही पार्टी #BJP के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। @VasundharaBJP ने #RSS प्रमुख मोहन भागवत को पत्र लिखकर महिला आरक्षण और परिसीमन के मुद्दे पर पार्टी की नीयत पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।’
राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने अपनी ही पार्टी #BJP के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।@VasundharaBJP ने #RSS प्रमुख मोहन भागवत को पत्र लिखकर महिला आरक्षण और परिसीमन के मुद्दे पर पार्टी की नीयत पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। pic.twitter.com/sZA50RI9xt
— Ashok Rajpurohit (@BmrAshok) April 18, 2026
अर्चित कश्यप ने इंडिया फर्स्ट न्यूज़ की वीडियो शेयर कर लिखा, ‘वसुंधरा राजे ने बीजेपी को दिखाई आंख’
वसुंधरा राजे ने बीजेपी को दिखाई आंख pic.twitter.com/vlGiSoizno
— Archit Kashyap (@ArchitK21797135) April 19, 2026
अशोक भाटी ने लिखा, ‘राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने अपनी ही पार्टी BJP के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। वसुंधरा राजे ने RSS प्रमुख मोहन भागवत को पत्र लिखकर महिला आरक्षण और परिसीमन के मुद्दे पर पार्टी की नीयत पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने पार्टी की दिशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि वह भटक रही है।’
राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने अपनी ही पार्टी BJP के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
— Ashok Bhati (@AshokBhati_07) April 18, 2026
वसुंधरा राजे ने RSS प्रमुख मोहन भागवत को पत्र लिखकर महिला आरक्षण और परिसीमन के मुद्दे पर पार्टी की नीयत पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
उन्होंने पार्टी की दिशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि वह… pic.twitter.com/4mhgxFd7m9
अजीत भारती ने लिखा, ‘वसुंधरा राजे ने यह पत्र मोहन भागवत जैसे सांस्कृतिक व्यक्ति को क्यों लिखा है? उनका राजनीति से क्या लेना-देना? नितिन नबीन को लिखती फिर भी समझ में आता है। संघ तो एक सांस्कृतिक संस्था है जिसका कार्य व्यक्ति निर्माण है, वो नारी आरक्षण पर क्या करेंगे? पीडीएफ की बर्बादी है ये।’

डॉ. विपिन यादव ने लिखा, ‘राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने अपनी ही पार्टी BJP के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। वसुंधरा राजे ने RSS प्रमुख मोहन भागवत को पत्र लिखकर महिला आरक्षण और परिसीमन के मुद्दे पर पार्टी की नीयत पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने पार्टी की दिशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि वह भटक रही है।’

वहीं अर्चना चौबे, नरेंद्र सिंह आमली, मुमताज, जीतू बेसल,दावूद नदाफ, विक्रम देव गुर्जर, शिवेद्र सिंह, रामकृष्ण नैन और अजय कुमार ने भी इस पत्र को शेयर किया है।
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फैक्ट चेक
दावे की पड़ताल में संबंधित कीवर्ड की मदद से गूगल सर्च करने पर हमें महिला आरक्षण पर वसुंधरा राजे द्वारा मोहन भागवत को लिखे गए पत्र के बारे में कोई भी मीडिया रिपोर्ट नहीं मिली। पड़ताल में आगे हमें वसुंधरा राजे के आधिकारिक एक्स हैंडल पर वायरल पत्र को लेकर एक स्पष्टीकरण मिला। उन्होंने वायरल पत्र को फर्जी बताते हुए लिखा, ‘सांच को आंच की जरूरत नहीं है। वायरल पत्र शुभचिंतकों की कारगुजारी मात्र है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में समान भागीदारी देने के प्रयास का मैं ही नहीं देश की हर महिला स्वागत कर रही है। राजे ने लिखा- ऐसे लोग चाहे जितना भ्रम फैलाएं, बाधाएं उत्पन्न करें, देश की नारी शक्ति न रुकी है, न रुकेगी।’
वहीं पड़ताल में आगे हमें First India News के वायरल वीडियो पर उनका स्पष्टीकरण मिला। एक्स पर First India News ने बताया कि वायरल वीडियो AI जनरेटेड है जिसमें First India के LOGO का दुरुपयोग कर वीडियो बनाया गया है।
| दावा | वसुंधरा राजे ने RSS प्रमुख मोहन भागवत को पत्र लिखकर महिला आरक्षण और परिसीमन के मुद्दे पर पार्टी की नीयत पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। |
| दावेदार | जीतू बेसल, दावूद नदाफ, विक्रम देव गुर्जर व अन्य |
| निष्कर्ष | महिला आरक्षण को लेकर वसुंधरा राजे का वायरल पत्र फर्जी है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि लोग चाहे जितना भ्रम फैलाएं, बाधाएं उत्पन्न करें, देश की नारी शक्ति न रुकी है, न रुकेगी। |
