सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें बड़ी तादाद में लोगों की भीड़ धरना एवं विरोध प्रदर्शन का बैनर लिए सड़क पर प्रदर्शन करती नजर आ रही है। वीडियो को यूजीसी के खिलाफ धरना-प्रदर्शन का बताकर शेयर किया जा रहा है। हालांकि, हमारी पड़ताल में यह दावा भ्रामक साबित हुआ है।
आशीष व्यास ने वीडियो को शेयर कर एक्स पर लिखा, ”जब आग जंगल में लगती है तो बुझती है… मोदी सरकार अपनी ही सरकार गिराने के लिए UGC लेकर आई है।”
जब आग जंगल में लगती है तो बुझती है…
— आशीष व्यास (@ashishvyas__) February 23, 2026
मोदी सरकार अपनी ही सरकार गिराने के लिए UGC लेकर आई है। pic.twitter.com/prBvmRg9q7
Rajput’s Of India ने एक्स पर लिखा, ”जब आग जंगल में लगती है तो बुझती है… मोदी सरकार अपनी ही सरकार गिराने के लिए UGC लेकर आई है।”
जब आग जंगल में लगती है तो बुझती है…
— Rajput's Of INDIA (@rajput_of_india) February 23, 2026
मोदी सरकार अपनी ही सरकार गिराने के लिए UGC लेकर आई है। pic.twitter.com/lDjED27W15
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फैक्ट चेक
फैक्ट चेक दावे की पड़ताल के लिए हमने सबसे पहले वीडियो के अलग-अलग स्क्रीनशॉट लेकर गूगल रिवर्स इमेज सर्च किया। इस दौरान यह वीडियो हमें togaaraam.t नाम के इंस्टाग्राम पेज पर 14 जनवरी 2026 को पोस्ट मिला।

वीडियो में विरोध प्रदर्शन के बैनर पर साफ देखा जा सकता है कि वहां लिखा है, ‘धरना एवं विरोध प्रदर्शन; दिनांक 3 जनवरी 2026 से अनिश्चितकालीन धरना, गुड़ामालानी एवं धोरीमन्ना उपखंड को बाड़मेर जिले से बालोतरा जिले में किए जाने के निर्णय का इस क्षेत्र के 36 कोम की जनता विरोध करती है।’ जिससे यह साफ होता है कि यह प्रदर्शन यूजीसी के खिलाफ विरोध का नहीं है।
इसके अलावा, इससे संबंधित कीवर्ड की मदद से गूगल सर्च करने पर हमें4 जनवरी 2026 को प्रकाशित अमर उजाला की एक रिपोर्ट मिली। रिपोर्ट के मुताबिक, यह प्रदर्शन धोरीमन्ना और गुड़ामालानी को बालोतरा जिले में शामिल किए जाने के विरोध में था। जिसमें स्थानीय लोगों ने धोरीमन्ना और गुड़ामालानी को बालोतरा जिले में शामिल करने के फैसले के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया था।
| दावा | लंबी तादाद में लोगों की भीड़ यूजीसी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रही है। |
| दावेदार | आशीष व्यास और Rajput’s of India |
| निष्कर्ष | यह दावा भ्रामक है। यह क्लिप जनवरी 2026 की है, जिसमें राजस्थान में स्थानीय लोग धोरीमन्ना और गुड़ामालानी को बालोतरा जिले में शामिल किए जाने के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं। |
