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रायबरेली में दलित युवक हरिओम की हत्या में जातिगत एंगल नहीं है

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उत्तर प्रदेश के रायबरेली में एक युवक की पीट- पीटकर हत्या करने का मामला सामने आया है। दावा किया जा रहा है कि चोरी के शक में एक दलित युवक की बेरहमी से हत्या कर दी गई। सोशल मीडिया पर इस घटना को जातिगत एंगल के साथ शेयर किया जा रहा है।

सूरज कुमार बुद्ध ने लिखा, ‘रायबरेली में चोरी के शक में दलित युवक हरिओम की पीट-पीटकर हत्या का वीडियो अत्यंत भयावह है। जान बचाने के लिए युवक ‘राहुल गांधी’ का नाम लिया, लेकिन यह सुनते ही रक्तपिपासु गंवारों की भीड़ ठहाके लगाते हुए कहती है- “यहां सब बाबा वाले हैं। योगी सरकार के लिए यह अत्यंत शर्म और चिंता की बात है कि यहां उत्तर प्रदेश में रक्तपिपासु भीड़ उनके नाम पर ठहाके लगाकर एक दलित की निर्मम हत्या कर रही है। प्रदेश में मुख्यमंत्री के नाम से लोगों में कानून व्यवस्था का डर स्थापित होना चाहिए, न कि Mob Lynching करने की प्रेरणा।..’

अशोक कुमार पांडे ने लिखा, ‘रायबरेली में दलित युवक की पिटाई वाली वीडियो को देखकर रूह काँप गई। कहाँ है विपक्ष? उसे इस समय रायबरेली में होना चाहिए था। सपा, बसपा, कांग्रेस सबको। देश की मीडिया को। अगर होती जरा सी अना सरकार को तो अब तक सारे आरोपियों को जेल में होना चाहिए था। माफ़ी माँगनी चाहिए थी सरकार को दलित समाज से।’

अमित यादव ने लिखा, ‘योगी के राम राज्य में दलित अपराध नंबर 1 हो चुका है रायबरेली की घटना इसका जीता जागता उदाहरण है…’

वहीं सुप्रिया श्रीनेत, आदर्श यादव, वंदना मीणा, दिव्या कुमारी, हंसराज मीणा और अरुण कुमार ने भी इसी दावे के साथ शेयर किया है।

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फैक्ट चेक

पड़ताल में हमने संबंधित कीवर्ड की मदद से गूगल सर्च किया। इस दौरान हमें 3 अक्टूबर 2025 को प्रकाशित दैनिक भास्कर की एक रिपोर्ट मिली। जिसके मुताबिक,  यह घटना रायबरेली के ऊंचाहार थाना क्षेत्र के ईश्वरदासपुर गांव की है। गांव में ड्रोन की अफवाह से लोग डरे हुए हैं। रात-रात भर जागकर लोग पहरेदारी कर रहे हैं। बुधवार की रात 1 बजे ऊंचाहार-डलमऊ मार्ग पर 40 साल का हरिओम डाड़ेपुर मजरे ईश्वरदासपुर की ओर जा रहा था, तभी लगभग 24-25 ग्रामीणों ने उसे पकड़ लिया।

Source: Dainik Bhaskar

गांव वाले युवक से पूछताछ करने लगे। युवक ने बताया कि वह पास के ही गांव में रहता है, लेकिन ग्रामीण उसके जवाब से संतुष्ट नहीं हुए। इसके बाद उसे डंडे और बेल्ट से मारने पीटने लगे। बताया जा रहा है कि अधमरा करने के बाद लोग उसे गांव के बाहर नहर किनारे ले गए। एक खंभे में बांधकर पीटा। युवक बार-बार कहता रहा कि मैं चोर नहीं हूं, लेकिन ग्रामीण नहीं माने। पिटाई के बाद युवक को अधमरी हालत में रेलवे ट्रैक के किनारे फेंक दिया। गुरुवार सुबह 7 बजे लोगों ने रेलवे ट्रैक पर युवक को पड़े देखा। पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को ऊंचाहार सीएचसी ले गई। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

पड़ताल में आगे हमें इस मामले पर रायबरेली पुलिस के एक्स हैंडल एक प्रेस नोट मिला। प्रेस नोट में पुलिस ने बताया है कि थाना ऊंचाहार पुलिस टीम द्वारा युवक को चोर सझकर तथा पीटकर उसकी हत्या करने वाले 5 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपियों में वैभव सिंह, विपिन मौर्य, विजय कुमार, सुहाल्देव पासी और सुरेश कुमार पुत्र रामसेवक मौर्य शामिल हैं।

वहीं 8 अक्टूबर को प्रकाशित अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस अधीक्षक डॉ. यशवीर सिंह ने मंगलवार रात करीब 10 बजे प्रेस कान्फ्रेंस बुलाई और सफाई दी कि वारदात में सभी वर्गों के लोग शामिल थे। इस घटना को जाति से न जोड़ा जाए। इस मामले में अबतक लल्ली पासी, आशीष पासी, सहदेव पासी, सुरेश गुप्ता, विपिन मौर्या, विजय कुमार मौर्या, सुरेश कुमार मौर्या, शिवप्रसाद अग्रहरि व वैभव सिंह को पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। अब तक जेल भेजे गए नौ आरोपियों में से तीन दलित, चार पिछड़ा वर्ग और दो सामान्य वर्ग के हैं। पुलिस की ओर से चिह्नित 15 आरोपियों में भी सात दलित ही हैं।

दावारायबरेली में एक दलित युवक की पीट- पीटकर हत्या कर दी गई।
दावेदारअमित यादव, अशोक पांडे, दिव्या कुमारी व अन्य
निष्कर्षरायबरेली में दलित युवक की हत्या में जातिगत एंगल नहीं है। गाँव वालों में हरिओम को चोरी के शक में पीटा था। पीटने वालों में ज्यादातर दलित और ओबीसी वर्ग के लोग भी शामिल थे।

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