हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में सोमवार को सोनिया गांधी ने पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की प्रतिमा का अनावरण किया। इस कार्यक्रम में सोनिया गाँधी के साथ प्रियंका गाँधी, सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू और सचिन पायलट समेत कई बड़े नेता शामिल हुआ। वहीं कार्यक्रम में प्रियंका गाँधी ने दावा किया कि हिमाचल में बाढ़ और लैंडस्लाइड के दौरान हिमाचल को केंद्र सरकार से कोई मदद नहीं मिली।
प्रियंका गाँधी ने अपने भाषण में कहा कि सुखविंद्र सिंह सुक्खू अभी अभी मुख्यमंत्री बने थे, उसके बाद ही इतनी बारिश हुई..इतनी तबाही हुई हिमांचल में, लेकिन केंद्र की तरफ से हमें मदद नहीं मिली। आज तक सुक्खू जी ने जो मदद केंद्र सरकार से मिली है वह अभी तक मिली नहीं है।
कांग्रेस के आधिकारिक एक्स हैंडल ने लिखा, ‘देश को ऐसी राजनीति चाहिए जो विकास के लिए प्रतिबद्ध रहे। ऐसी सरकार हो, जो शिक्षा, रोजगार और जनता को मजबूती देने के लिए काम करे, लेकिन अफ़सोस कि मोदी सरकार ऐसा नहीं कर रही। हिमाचल प्रदेश में प्राकृतिक आपदा के चलते भारी जान-माल का नुकसान हुआ। सुक्खू जी ने कई प्रयास किए, मगर मोदी सरकार ने कोई मदद नहीं की। मोदी सरकार पूरे देश में एक गलत तरीके की राजनीति कर रही है, जिसमें उनका मकसद सिर्फ और सिर्फ चुनाव जीतना है।’
विश्वविजय सिंह ने लिखा, ‘देश को ऐसी राजनीति चाहिए जो विकास के लिए प्रतिबद्ध रहे। ऐसी सरकार हो, जो शिक्षा, रोजगार और जनता को मजबूती देने के लिए काम करे, लेकिन अफ़सोस कि मोदी सरकार ऐसा नहीं कर रही। हिमाचल प्रदेश में प्राकृतिक आपदा के चलते भारी जान-माल का नुकसान हुआ। सुक्खू जी ने कई प्रयास किए, मगर मोदी सरकार ने कोई मदद नहीं की। मोदी सरकार पूरे देश में एक गलत तरीके की राजनीति कर रही है, जिसमें उनका मकसद सिर्फ और सिर्फ चुनाव जीतना है।’
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फैक्ट चेक
पड़ताल में हमने संबंधित कीवर्ड की मदद से गूगल सर्च किया। नवभारत और न्यूज़ 18 की रिपोर्ट के मुताबिक 9 सितंबर 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाढ़ और लैंडस्लाइडिंग से प्रभावित हिमाचल प्रदेश के मंडी, कुल्लू और चंबा जिले का हवाई सर्वेक्षण किया था। इसके बाद कांगड़ा जिले का हवाई सर्वे करने के बाद पीएम मोदी ने प्रदेश के बाढ़ और बारिश प्रभावित क्षेत्रों के लिए 1500 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता का ऐलान किया था। पीएम मोदी ने इस दौरान मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि और घायलों को 50-50 हजार रुपये देने की घोषणा की। इसके अलावा, पीएम किसान निधि की एडवांस किश्त और डिजास्टर फंड भी पहले दिया।
वहीं 20 अगस्त 2025 को प्रकाशित ईटीवी भारत की एक रिपोर्ट मिली। जिसके मुताबिक हिमाचल प्रदेश को मानसून सीजन के दौरान आपदा से निपटने के लिए केंद्र से 3247 करोड़ रुपए से अधिक की रकम मिली है। रकम का ये आंकड़ा तीन साल की अवधि का है। इस दौरान राज्य सरकार ने आपदा राहत के तौर पर 330.99 करोड़ रुपए का योगदान दिया। कुल मिलाकर तीन साल में 31 जुलाई 2025 तक आपदा के तहत विभिन्न मदों में 3578.63 करोड़ रुपए हिमाचल को मिले हैं। ये जानकारी हिमाचल विधानसभा के मानसून सेशन में खुद हिमांचल की कांग्रेस सरकार ने सामने दी थी।

राजस्व मंत्री की तरफ से दिए गए जवाब में बताया गया कि तीन साल के अंतराल में आपदा से प्रभावित 70,787 लाभार्थियों को मदद प्रदान की गई। इन्हें 403.61 करोड़ रुपए की मदद दी गई। वहीं, राज्य सरकार के अपने विशेष पैकेज के तौर पर 25916 लाभार्थियों को 256.57 करोड़ रुपए जारी किए गए।
| दावा | हिमाचल में बाढ़ और लैंडस्लाइड के दौरान हिमाचल को केंद्र सरकार से कोई मदद नहीं मिली। |
| दावेदार | प्रियंका गाँधी |
| निष्कर्ष | हिमाचल को बाढ़ और लैंडस्लाइड के दौरान केंद्र सरकार से कोई मदद नहीं मिलने का दावा भ्रामक है। |
