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UGC के विरोध में मोदी-शाह के पुतले जलाने का दावा भ्रामक, वायरल वीडियो SIR के खिलाफ हुए प्रदर्शन का है

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सोशल मीडिया पर लोगों द्वारा पीएम मोदी और अमित शाह के पुतले जलाने का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। दावा किया जा रहा है कि UGC के नए कानून के विरोध में देश भर में सामान्य वर्ग सड़कों पर उतर आया है। विरोध प्रदर्शन में प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के पुतलों पर जूते बरसाये जा रहे हैं। हालंकि हमारी पड़ताल में यह दावा भ्रामक साबित हुआ।

रतन रंजन ने एक्स पर इस वीडियो को शेयर कर लिखा, ‘राहुल गांधी का ZEN-G तो सत्ता नहीं बदल सका लेकिन सामान्य वर्ग का ZEN-G सत्ता जरूर बदल देगा।’

एडवोकेट ऐके तिवारी ने लिखा, ‘सत्ता बदलने की शुरुआत हो चुकी है,जो काम कोई नहीं कर सका उसे सामान्य वर्ग अपने दम पर करके दिखाएगा।’

वहीं डॉक्टर राकेश पाठक ने लिखा, ‘UGC के नए कानून के विरोध में देश भर में सामान्य वर्ग (सवर्ण) सड़कों पर उतर आया है। विरोध प्रदर्शन में प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के पुतलों पर जूते बरसाये जा रहे हैं। ये ग़लत बात है। देश के नॉन बायोलॉजिकल मुखिया और आधुनिक चाणक्य की तस्वीरों के साथ इस तरह का सुलूक निंदनीय है। किसी भी बात का विरोध गांधीवादी तरीके से होना चाहिए।’

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फैक्ट चेक

दावे की पड़ताल में वायरल वीडियो को रिवर्स सर्च करने पर यह वीडियो हमें 20 जनवरी 2026 को Uttarbanga Sambad TV नाम के यूट्यूब चैनल पर पोस्ट मिला। जिसके मुताबिक यह वीडियो पश्चिम बंगाल में मुर्शिदाबाद जिले के हरिहरपाड़ा का है, जहां तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने एसआईआर के विरोध में मोदी–शाह की पुतलों को जलाया था।

पड़ताल में आगे हमें गूगल मैप पर एसआईआर के खिलाफ हुए प्रदर्शन की लोकेशन भी मिली। जिससे स्पष्ट हुआ कि यह वीडियो पश्चिम बंगाल में मुर्शिदाबाद जिले के हरिहरपाड़ा का है।

दावाUGC के नए कानून के विरोध में लोगों ने मोदी-शाह का पुतला जलाया।
दावेदाररतन रंजन, ऐके तिवारी, व अन्य
निष्कर्षवायरल वीडियो UGC के नए कानून के विरोध का नहीं है। असल में यह वीडियो पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा एसआईआर के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का है।
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